TAIT परीक्षा और संभ्रमित परीक्षार्थी

(Last Updated On: March 8, 2018)
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सन २०१७ से राज्य सरकार की नई नीती के अनुसार शिक्षक भर्ती करने के लिए पारंपरिक परीक्षा का मार्ग छोड़कर नई पद्धति का अवलंब किया गया हैं. इस पद्धति के अनुसार MAHA TAIT का हाल ही में आयोजन किया गया था. परीक्षा को समाप्त होकर भले ही कुछ दिन हुए हो फिर भी बहुत से परीक्षार्थी के मन में इस परीक्षा के बारे में बहुत सारे सन्देह उनुत्तरित हैं. परीक्षार्थी को अभी भी इस संपूर्ण प्रक्रिया का ज्ञान नहीं हैं. ये सब परीक्षार्थी TAIT परीक्षा के बारे में इंटरनेट, फेसबुक,व्हाट्स अप जैसे सोशल मीडिया पर अधिक जानकारी प्राप्त करनेका प्रयास करते दिखाई देते हैं. पर इन सभी सोशल मीडिया पर दी गई अलग अलग जानकारी, उस बारे में बने विवाद, सब परीक्षार्थी के संदेहोंका समाधान करने के बजाय सम्भ्रम निर्माण करते नजर आये. इसी कारण हमने इस परीक्षा का सखोल विवेचन इस आर्टिकल में करने कि कोशीश की हैं.

प्रथम हम यह जानेंगे कि यह परीक्षा क्यों लिए जा रही हैं?

हमने पहले देखा हैं कि इसके पहले राज्य सरकार सिर्फ सरकारी स्कुलो में ही केंद्रीय भर्ती प्रक्रिया का अवलंब करके पद भर्ती किया करती थी. इसके कारण निजी संस्था,प्राइवेट स्कूल पर सरकार का कोई निर्बंध नही था. निर्बंध न होने के कारन प्राइवेट स्कूलो की भर्ती प्रक्रिया में डोनेशन के नाम संस्थाएँ अपनी तिजोरी भरती थी. गुणवत्ता के तुलना में धन को महत्व देकर अध्यापक की जगह पर धनवानों कि भर्ती होती थी. फिर जब गुणवत्ता और परिणाम स्वरुप छात्रो के उपलब्धि का सवाल आया तो सच सामने आ ही गया कि यह पारंपरिक भर्ती प्रक्रिया सफल साबित नही हुई हैं . इसमे बडे पैमाने पर भष्ट्राचार भी हुआ हैं.  इन सब विषयो पर ध्यान देकर शिक्षा विभाग द्वारा यह नीति अपनाई गई कि इसके आगे TAIT परीक्षा के माध्यम से ही भर्ती प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए जो कि इन सभी समस्याओं का समाधान होगा.

ऐसे हुई परीक्षा की प्रक्रिया:

परीक्षा पुरे राज्य में ६७ परीक्षा केन्द्रों पर हुई. हर रोज इस परीक्षा कि 3 बेचेस पूरी की गयी. यह परीक्षा १२ से २१ दिसम्बर के दरम्यान हुई. परीक्षा में १,९७,५२० परीक्षार्थियोने आवेदन किया था. इसमे से १,७१,३४८ परिक्षार्थियोने प्रत्यक्ष परीक्षा में भाग लिया. बाकि बचे २६,५९३ परीक्षार्थी किसी कारणवश परीक्षा में सहभागी नहीं हो पाये . इस परीक्षा में परिक्षार्थियोंकि उपस्थिति ८५% रही.

परीक्षा प्रक्रिया और उसके रिजल्ट के बाद पवित्र पोर्टल इस संगणकिय प्रणाली को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जायेगा. इसमें राज्य के सरकारी ,अनुदानित संस्था, प्राइवेट स्कूलो के रिक्त पदों कि सूची जारी होगी . इस सूची के अनुसार परीक्षार्थी आवेदन करेंगे और पात्र परीक्षार्थी इसमे से चुने जायेंगे. इस परीक्षा में उम्मीदवार जादा से जादा ५  बार अपने अंक सुधार सकते हैं. मतलब यह परीक्षा में आपको ५ प्रयास मिलेंगे. एकबार चयनित परीक्षार्थी उसी स्कोर का उपयोग कर पुनः आवेदन नहीं कर सकता. अगर उसे स्कूल बदलना हो तो अगले परीक्षा का इंतजार करना पड़ेगा.

यह सब प्रक्रिया अच्छी तरह समज लेने के बाद भी बहुत से सवाल हमारे दिमाग में अब भी बार बार आते हैं. वो इस तरह के हैं. . .

सबसे ज्यादा पूछे जानेवाले सवाल ये होते हैं:

  1. मै TET पेपर १ या पेपर २ पास हैं, हम किस क्लास के लिए अप्लाई कर सकते हैं
  2. मै DED/BED/MED कैंडिडेट हु लेकिन TET परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हु क्या मुझे नौकरी मिल सकती हैं?
  3. मै इस कास्ट से हु और मुझे इतने अंक हैं क्या मेरे चयन कि कोई संभावना हैं?
  4. मेरे जिले में कितनी जगह होगी?
  5. क्या इंग्लिश मीडियम से शिक्षा शास्त्र पढ़ने वाले छात्रोंको कोई आरक्षण होगा?
  6. मेरा TET परीक्षा का स्कोर इतना हैं और TAIT परीक्षा में मेरा स्कोर इतना हैं क्या मै जॉब के लिए अप्लाई कर सकता हु?

 

दोस्तों ऐसे बहुत सारे सवाल पूछे जा रहे है और जिसको जो पता हैं और जो अच्छा लगता हैं वह बताकर आपके सवालो का जबाब दिया जा रहा हैं. इसमें कितना सच हैं ये जाने बिना ही हम अपनी राय बना लेते हैं.

तो अप सबसे पहले यह समझ ले कि जब तक पवित्र पोर्टल प्रणाली कार्यान्वित नहीं होती हैं तब तक राज्य के रिक्त पदोंका कोई अनुमान लगाना ठीक नहीं रहेगा. इसबार यह प्रणाली पुरे भर्ती प्रक्रिया कि केंद्र बिंदु रहेगी लेकिन परिक्षार्थियोंके अंक और उनके विश्लेषण यहापर काम आनेवाले नहीं हैं क्यों कि उस सम्बंधित संस्था पर रिक्त पदों कि संख्या और वहा पर आये आवेदन कि संख्या के साथही आवेदन करनेवालोंके अंक इसपर मेरिट लिस्ट आधारित रहेगी. रिक्त पदोंमे आरक्षण, इंग्लिश मीडियम के कैंडिडेट इन सबका सरकारी निर्देशों के अनुसार अंतर्भाव किया जायेगा.

इस समय तो आपके कास्ट के अनुसार आपको चयन कि कितनी संभाव्यता हैं यह कोई नहीं बता सकता नहीं कोई आपके स्कोर अनुसार आपका चयन होने कि उम्मीद जता सकता हैं. इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप आने वाले कुछ दिनोमे कार्यान्वित होनेवाले पवित्र पोर्टल का इन्तजार करिए.

उपर पूछे गए सवालोंमे बस इतना कह सकते हैं कि प्राथमिक स्तर पर अप्लाई किये गए परीक्षार्थी अन्य स्तर के लिए अप्लाई किये परीक्षार्थी से कम हैं. इसीलिए प्राथमिक स्तर पर सिलेक्शन कि संभावना अधिक हैं.

तो दोस्तों आशा करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो. आपके साथ हम भी उम्मीद करते हैं कि यह पवित्र पोर्टल जल्द से जल्द कार्यान्वित हो. धन्यवाद

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